बांकीपुर उपचुनाव 2026: नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद चुनावी रण तैयार, 30 जुलाई को मतदान
पटना: बिहार की राजनीति के सबसे चर्चित विधानसभा क्षेत्रों में शामिल बांकीपुर सीट पर उपचुनाव का बिगुल बज चुका है। चुनाव आयोग ने बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा कर दी है। इस सीट पर 30 जुलाई 2026 को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त 2026 को मतगणना कराई जाएगी। राजनीतिक दलों ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं और अब सबकी नजर इस प्रतिष्ठित सीट पर टिकी हुई है।
क्यों खाली हुई बांकीपुर सीट?
बांकीपुर विधानसभा सीट भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन के राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद खाली हुई थी। राज्यसभा सदस्य बनने के पश्चात उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके कारण यहां उपचुनाव कराने की आवश्यकता पड़ी। लंबे समय से यह सीट भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है और नितिन नवीन लगातार यहां से जीत दर्ज करते रहे हैं।
चुनाव कार्यक्रम की पूरी जानकारी
चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार उपचुनाव की प्रक्रिया 6 जुलाई 2026 से शुरू होगी।
महत्वपूर्ण तिथियां इस प्रकार हैं:
- 6 जुलाई 2026 – अधिसूचना जारी होगी
- 13 जुलाई 2026 – नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि
- 14 जुलाई 2026 – नामांकन पत्रों की जांच
- 16 जुलाई 2026 – नाम वापसी की अंतिम तिथि
- 30 जुलाई 2026 – मतदान
- 3 अगस्त 2026 – मतगणना
- 4 अगस्त 2026 – पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न होगी।
भाजपा के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई
बांकीपुर सीट को भाजपा का मजबूत किला माना जाता है। नितिन नवीन ने इस क्षेत्र में लगातार कई चुनाव जीते हैं और पार्टी की मजबूत पकड़ कायम रखी है। ऐसे में उपचुनाव भाजपा के लिए केवल एक सीट बचाने की चुनौती नहीं बल्कि अपनी राजनीतिक साख बनाए रखने की परीक्षा भी माना जा रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि भाजपा इस सीट से किस उम्मीदवार को मैदान में उतारती है। पार्टी नेतृत्व उम्मीदवार चयन को लेकर मंथन में जुटा हुआ है।
विपक्ष की भी नजर
उपचुनाव की घोषणा के साथ ही विपक्षी दल भी सक्रिय हो गए हैं। विभिन्न राजनीतिक दल अपने-अपने उम्मीदवारों को लेकर रणनीति बना रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बांकीपुर का चुनाव सिर्फ स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर राज्य की व्यापक राजनीति पर भी दिखाई दे सकता है।
जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) की ओर से वीणा मानवी के चुनाव लड़ने की चर्चा पहले से चल रही है। वहीं जन सुराज की ओर से भी मजबूत दावेदारी की संभावना जताई जा रही है। यदि प्रमुख दल अपने प्रभावशाली चेहरों को मैदान में उतारते हैं, तो मुकाबला काफी रोचक हो सकता है।
क्यों महत्वपूर्ण है बांकीपुर सीट?
पटना शहर के केंद्र में स्थित बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र बिहार की राजनीति में हमेशा से अहम भूमिका निभाता रहा है। यह क्षेत्र राजनीतिक रूप से जागरूक मतदाताओं वाला माना जाता है और यहां का चुनावी परिणाम राज्य की राजनीतिक दिशा का संकेत भी माना जाता है।
उपचुनाव की घोषणा के बाद अब राजनीतिक गतिविधियां तेज हो चुकी हैं। आने वाले दिनों में उम्मीदवारों की घोषणा, चुनाव प्रचार और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच बांकीपुर का चुनाव बिहार की सबसे चर्चित राजनीतिक लड़ाइयों में शामिल होने जा रहा है।

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